प्रश्न-वचन किसे कहते हैं ? उसके कितने भेद हैं ?
उत्तर⇒ व्याकरण में ‘वचन’ संख्या-बोध के लिए प्रयुक्त होता है। शब्द से उसके एक या अनेक होने का बोध वचन है।
हिन्दी भाषा में दो वचन हैं — एकवचन और बहुवचन ।
एकवचन – शब्द के जिस रूप से एक वस्तु या एक व्यक्ति का बोध हो, उसे एकवचन कहते हैं । जैसे- घोड़ा, कन्या, नदी, नारी, पुस्तक आदि।
बहुवचन – शब्द के जिस रूप से एक से अधिक व्यक्तियों या वस्तुओं का बोध हो, उसे बहुवचन कहते हैं । जैसे— घोड़े, कन्याएँ, नदियाँ, पुस्तकें आदि।
वचन संबंधी कुछ नियम –
1. सम्मान प्रकट करने के लिए एकबचन को बहुवचन में रखा जाता है। जैसे-
(क) पिताजी आ गए हैं।
(ख) गाँधीजी छुआ-छूत के विरोधी थे।
(ग) श्री रामचन्द्र वीर थे।
(घ) गुरुजी आज नहीं आए हैं।
इन वाक्यों में एक व्यक्ति को बहुवचन के रूप में प्रयुक्त किया गया है। इसे आदरार्थक बहुवचन कहते हैं।
2. हिन्दी में हस्ताक्षर, प्राण, दर्शन, होश आदि शब्दं बहुवचन में ही प्रयुक्त होते हैं। जैसे-
(क) आपके हस्ताक्षर बड़े सुन्दर हैं।
(ख) बड़ी मुश्किल से मेरे प्राण बचे ।
(ग) आपके दर्शन तो दुर्लभ हैं।
(घ) समाचार सुनकर उसके होश उड़ गए।
3. कुछ एकवचन शब्द गण, लोग, जन, समूह, वृन्द आदि शब्दों के साथ जुड़कर बहुवचन में प्रयुक्त होते हैं। जैसे –
(क) छात्रगण परीक्षा की तैयारी में व्यस्त हैं।
(ख) मजदूर लोग कार्यरत हैं।
(ग) कृषकजन फसलें काट रहे हैं।
(घ) वहाँ नरसमूह दिखाई दे रहे थे।
4.अकारान्त स्त्रीलिंग संज्ञा का बहुवचन संज्ञा के अन्तिम ‘अ’ को ‘एँ’ कर देने से बनता है ; जैसे –
| एकवचन | बहुवचन |
| गाय | गायें |
| बात | बातें |
| बहन | बहनें |
5. आकारान्त स्त्रीलिंग एकवचन संज्ञा-शब्द के अन्त में ‘एँ’ लगाने से बहुवचन बनता है ; जैसे –
| एकवचन | बहुवचन |
| शाखा | शाखाएँ |
| कथा | कथाएँ |
| लता | लताएँ |
6. इकारान्त या ईकारान्त स्त्रीलिंग संज्ञाओं के अन्त में ‘ई’ को ह्रस्व कर ‘याँ’ । जोड़ने, अर्थात् ‘ई’ को ‘इयाँ’ कर देने से बहुवचन बनता है। जैसे —
| एकवचन | बहुवचन |
| तिथि | तिथियाँ |
| रीति | रीतियाँ |
| नदी | नदियाँ |
7. जिन स्त्रीलिंग संज्ञाओं के अन्त में ‘या’ आता है, उनमें ‘या’ के ऊपर चंद्रबिन्दु लगाकर अर्थात् ‘या’ को ‘याँ’ कर बहुवचन बनता है; जैसे-
| एकवचन | बहुवचन |
| चिड़िया | चिड़ियाँ |
| डिबिया | डिबियाँ |
| गुड़िया | गुड़ियाँ |
8. अ-आ-इ-ई के अलावा अन्य मात्राओं से अन्त होने वाली स्त्रीलिंग संज्ञाओं के अन्त में ‘एँ’ जोड़कर बहुवचन बनाया जाता है। अन्तिम स्वर ‘ऊ’ हुआ, तो उसे ह्रस्व कर दिया जाता है; जैसे –
| एकवचन | बहुवचन |
| बहू | बहुएँ |
| वस्तु | वस्तुएँ |
9. जहाँ दोनों वचनों में पुंलिंग में एक ही रूप होता है अथवा अन्य स्त्रीलिंग में भी, बहुवचन का बोध प्रायः ‘गण’, ‘वर्ग’, ‘जन’, ‘लोग’, ‘वृन्द’ इत्यादि लगाकर कराया जाता है; जैसे-
| एकवचन | बहुवचन |
| पाठक | पाठकगण |
| अधिकारी | अधिकारीवर्ग |
| आप | आपलोग |
विभक्तिसहित संज्ञाओं के बहुवचन बनाने के नियम-
विभक्तियों से युक्त होने पर शब्दों के बहुवचन का रूप बनाने में लिंग के कारण कोई परिवर्तन या व्यवधान नहीं होता।
इसके कुछ सामान्य नियम निम्नलिखित हैं –
1. अकारान्त, आकारान्त (संस्कृत-शब्दों को छोड़कर) तथा एकारान्त संज्ञाओं: में अन्तिम ‘अ’, ‘आ’ या ‘ए’ के स्थान पर बहुवचन बनाने में ‘ओं’ कर दिया जाता । है। जैसे-
| एकवचन | बहुवचन | विभक्तिचिह्न के साथ प्रयोग |
| लड़का | लड़कों | लड़कों ने कहा। |
| घर | घरों | घरों का घेरा। |
| गधा | गधों | गधों की तरह। |
| घोड़ा | घोड़ों | घोड़ों पर चढ़ो। |
| चोर | चोरों | चोरों को पकड़ो। |
2. संस्कृत की आकारान्त तथा संस्कृत-हिन्दी की सभी उकारान्त, ऊकारात औकारान्त संज्ञाओं को बहवचन का रूप देने के लिए अन्त में ‘आ’ जोड़ना पड़ता है। ऊकारान्त शब्दों में ‘ओ’ जोड़ने के पूर्व ‘ऊ’ को ‘उ’ कर दिया जाता है।
| एकवचन | बहुवचन | विभक्तिचिह्न के साथ प्रयोग |
| लता | लताओं | लताओं को देखो। |
| साधु | साधुओं | यह साधुओं का समाज है। |
| बधू | वधुओं | वधुओं से पूछो । |
| जौ | जौओं | जौओं को काटो । |
3. सभी इकारान्त और ईकारान्त संज्ञाओं का बहुवचन बनाने के लिए अन्त में ‘यों’ जोड़ा जाता है। ‘इकारान्त’ शब्दों में ‘यों’ जोड़ने के पहले ‘ई’ का ‘इ’ कर दिया जाता है। जैसे –
| एकवचन | बहुवचन | विभक्तिचिह्न के साथ प्रयोग |
| मुनि | मुनियों | मुनियों की यज्ञशाला। |
| गली | गलियों | गलियों में गए । |
| नदी | नदियों | नदियों का प्रवाह । |
| साड़ी | साड़ियों | साड़ियों के दाम दीजिए। |
| श्रीमती | श्रीमतियों | श्रीमतियों का मिलन हुआ। |
वचन-सम्बन्धी विशेष निर्देश –
1. प्रत्येक’ तथा ‘हरएक’ का प्रयोग सदा एकवचन में होता है। जैसे- प्रत्येक व्यक्ति यही कहेगा ; हरएक कुआँ मीठे जल का नहीं होता।
2. दूसरी भाषाओं के तत्सम या तद्भव शब्दों का प्रयोग हिन्दी व्याकरण के अनसार होना चाहिए। उदाहरणार्थ, अँगरेजी के ‘फुट’ (foot) का बहुवचन ‘फीट’ (feet) होता है, किन्तु हिन्दी में इसका प्रयोग इस प्रकार होगा दो फुट लम्बी दीवार है, न कि ‘दो फीट लम्बी दीवार है। फारसी से आये ‘मकान’ या ‘कागज’ का बहुवचन हिन्दी में फारसी के ही अनुसार ‘मकानात’ या ‘कागजात’ नहीं होगा। फारसी से आये ‘वकील’ शब्द का बहुवचन ‘वकला’ हिन्दी में नहीं चलेगा। हमलोग हिन्दी में लिखेंगे, ‘वकीलों की राय लीजिए’। इसी प्रकार, अँगरेजी के ‘स्कल’ शब्द का बहुवचन अंगरेजी की ही तरह ‘स्कूल्स’ बनाना अनुचित है। हिन्दी में कल’ का बहुवचन ‘स्कूलों’ होगा।
3. भाववाचक और गुणवाचक संज्ञाओं का प्रयोग एकवचन में होता है। जैसे- मैं उनकी सज्जनता पर मुग्ध हूँ। लेकिन, जहाँ संख्या या प्रकार का बोध को गणवाचक और भाववाचक संज्ञाएँ बहुवचन में भी प्रयुक्त हो सकती हैं। जैसे – इस ग्रन्थ की अनेक विशेषताएँ या खूबियाँ हैं ; मैं उनकी अनेक विवर जानता हूँ।
1.कौन-सा शब्द है, जो प्रायः बहुवचन में प्रयुक्त होता है ?
(A) देव
(B) छात्र
(C) नक्षत्र
(D) प्राण
Ans : D
2. कौन-सा शब्द एकवचन नहीं है ?
(A) जनसमूह
(B) लोग
(C) प्रजा
(D) छात्र सेना
Ans : B
3. कौन-सा शब्द एकवचन नहीं है ?
(A) होश
(B) दूध
(C) आग
(D) भीड़
Ans : A
4. कौन-सा शब्द एकवचन है ?
(A) पुस्तक
(B) लड़कें
(C) हाथियाँ
(D) नदियाँ
Ans : A
5. निम्नलिखित में कौन-सा शब्द बहुवचन नहीं है ?
(A) जनता
(B) बाल
(C) दर्शन
(D) हस्ताक्षर
Ans : A
6. निम्नलिखित में कौन-सा शब्द एकवचन नहीं है ?
(A) समाचार
(B) आग
(C) हवा
(D) वर्षा
Ans : A
7. हरएक शब्द का प्रयोग होता है-
(A) एकवचन में
(B) बहुवचन में
(C) दोनों में
(D) किसी में नहीं
Ans : A
8. ‘भारतीय’ का बहुवचन होगा-
(A) भारतियों
(B) भारतिआवों
(C) भारतीयों
(D) भारतो
Ans : C
9. आँसू का बहुवचन होगा-
(A) आँसुओं
(B) आँसू
(C) आँसूएँ
(D) आँसूवाँ
Ans : A
10. हमेशा बहुवचन होता है-
(A) प्राण
(B) भक्ति
(C) किताब
(D) माता
Ans : A
11. शुद्ध वचन हैं-
(A) बालक
(B) बालको
(C) बालका
(D) बालकाओं
Ans : A
12. कौन-सा शब्द बहुवचन है ?
(A) माता
(B) नदी
(C) लड़के
(D) किताब
Ans : C
13. कौन-सा शब्द एकवचन नहीं है ?
(A) लड़का
(B) किताबें
(C) कुत्ता
(D) कलम
Ans : B
14. हिंदी भाषा में ‘वचन’ कितने प्रकार के है ?
(A) 3
(B) 2
(C) 4
(D) 5
Ans : B